
कवच के व्यापक कार्यान्वयन से टक्करों और अत्यधिक गति को रोककर भारतीय रेलवे की दुर्घटना दरों में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है [1][2], साथ ही परिचालन दक्षता में भी वृद्धि करते हुए
दिए गए स्रोतों में दिल्ली-मुंबई मार्ग के अलावा, कवच की तैनाती के लिए प्राथमिकता वाले अन्य उच्च-घनत्व वाले गलियारे स्पष्ट रूप से विस्तृत नहीं हैं।