लाइन ऑफ क्रेडिट: जितना निकाला, उतने पर ही ब्याज, पर्सनल लोन से बेहतर क्यों?
लाइन ऑफ क्रेडिट: जितना निकाला, उतने पर ही ब्याज, पर्सनल लोन से बेहतर क्यों?
- •लाइन ऑफ क्रेडिट में केवल निकाली गई राशि पर ब्याज लगता है, पर्सनल लोन की तरह पूरी राशि पर नहीं.
- •बैंक द्वारा निर्धारित सीमा (जैसे 5 लाख रुपये) में से जितनी राशि उपयोग करेंगे, ब्याज केवल उसी पर लगेगा.
- •उधार चुकाने पर आपकी क्रेडिट सीमा फिर से बढ़ जाती है, बार-बार नए लोन के लिए आवेदन की जरूरत नहीं.
- •घर के नवीनीकरण या व्यावसायिक जरूरतों जैसे अप्रत्याशित खर्चों के लिए यह सुविधा सबसे अच्छी है.
- •सावधानी: इसकी ब्याज दरें सिक्योर्ड लोन से अधिक हो सकती हैं; इसे अल्पकालिक वित्तीय बफर के रूप में उपयोग करें.