
हाँ, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण एफआईआई की बिकवाली से भारतीय बाजारों पर असर पड़ना जारी रहने की संभावना है। विदेशी निवेशकों ने 1 रुपये से अधिक की निकासी की है।
आरबीआई के हालिया उपायों, जिनमें सट्टेबाजी वाले विदेशी मुद्रा (एफएक्स) व्यापार पर अंकुश और बैंकों की डॉलर होल्डिंग्स पर सीमाएं शामिल हैं, ने डॉलर के मुकाबले रुपये को अस्थायी रूप से मजबूत किया है।
भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ रहा है।