वैश्विक अस्थिरता के बीच FPIs इक्विटी के बजाय डेट को प्राथमिकता दे रहे: आर्थिक सर्वेक्षण

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Moneycontrol•29-01-2026, 12:51
वैश्विक अस्थिरता के बीच FPIs इक्विटी के बजाय डेट को प्राथमिकता दे रहे: आर्थिक सर्वेक्षण
- •आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) वित्त वर्ष 26 में इक्विटी बेचने के बजाय भारतीय डेट सिक्योरिटीज खरीद रहे हैं.
- •भारतीय इक्विटी के कमजोर प्रदर्शन, व्यापार अनिश्चितताओं, रुपये के मूल्यह्रास और उच्च अमेरिकी बॉन्ड यील्ड जैसे कारकों ने FPIs को इक्विटी बेचने पर मजबूर किया, खासकर IT और हेल्थकेयर क्षेत्रों में.
- •FPIs वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में इक्विटी के शुद्ध खरीदार थे, लेकिन दूसरी और तीसरी तिमाही में शुद्ध विक्रेता बन गए, 13 जनवरी 2026 तक भारतीय इक्विटी से लगभग 16,500 करोड़ रुपये का बहिर्प्रवाह हुआ.
- •10-वर्षीय भारतीय और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड के बीच के अंतर के घटने और फिर बढ़ने से भारतीय डेट की आकर्षकता प्रभावित हुई.
- •इक्विटी बहिर्प्रवाह के बावजूद, 31 दिसंबर 2025 तक FPIs की हिरासत में संपत्ति का आधार 10.4% बढ़कर 81.4 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिसका मुख्य कारण डेट संचय और इक्विटी में मूल्यांकन लाभ था.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वैश्विक अस्थिरता और बाजार कारकों के कारण FPIs भारतीय इक्विटी के बजाय डेट को प्राथमिकता दे रहे हैं.
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