शेयर बाजार जब अचानक गिरता है, तो सबसे पहले आम निवेशक घबरा जाता है. मोबाइल स्क्रीन पर लाल रंग देखकर दिल की धड़कन तेज हो जाती है और उंगली बेचने के बटन पर चली जाती है. यही डर पैनिक सेलिंग को जन्म देता है. लेकिन क्या हर गिरावट में शेयर बेचना सही फैसला होता है?
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News1820-01-2026, 18:03

पैनिक सेलिंग से शेयर बाजार में हाहाकार: निफ्टी-50 में 353 अंकों की गिरावट, आगे क्या?

  • 20 जनवरी 2026 को निफ्टी-50 में 353 अंकों (1.38%) की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो मुख्य रूप से पैनिक सेलिंग के कारण हुई.
  • पैनिक सेलिंग वह स्थिति है जब निवेशक डर, अफवाहों या अत्यधिक प्रतिक्रिया के कारण तेजी से अपनी संपत्ति बेचते हैं, जिससे कीमतों में तेज गिरावट आती है.
  • आज की गिरावट के मुख्य कारण वैश्विक व्यापार तनाव, FII की भारी बिकवाली (जनवरी में $3 बिलियन), मिश्रित आय और कमजोर रुपया थे.
  • छोटे खुदरा निवेशक भावनात्मक निर्णयों और कम जोखिम क्षमता के कारण पैनिक सेलिंग के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जबकि बड़े निवेशक दीर्घकालिक रणनीतियों का पालन करते हैं.
  • पैनिक सेलिंग के बाद बाजार आमतौर पर अस्थिर रहता है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से धीरे-धीरे ठीक हो जाता है, हालांकि इसमें लगने वाला समय अंतर्निहित कारण पर निर्भर करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पैनिक सेलिंग और वैश्विक घटनाओं के कारण निफ्टी-50 में तेज गिरावट आई; रिकवरी का समय अनिश्चित है.

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