नो-कॉस्ट EMI: आकर्षक ऑफर के पीछे छिपी लागतें

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Moneycontrol•24-01-2026, 14:02
नो-कॉस्ट EMI: आकर्षक ऑफर के पीछे छिपी लागतें
- •नो-कॉस्ट EMI ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर विभिन्न उत्पादों के लिए व्यापक रूप से पेश की जाती है, जो ब्याज-मुक्त किस्तों का वादा करती है.
- •'नो-कॉस्ट' का मतलब आमतौर पर यह होता है कि विक्रेता या प्लेटफॉर्म ब्याज को अवशोषित करता है, इसे छूट के रूप में प्रस्तुत करता है.
- •एक सामान्य नुकसान यह है कि नो-कॉस्ट EMI चुनने पर तत्काल छूट, कैशबैक या त्योहारी ऑफर का लाभ नहीं मिलता, जिससे उत्पाद महंगा हो जाता है.
- •बैंक अक्सर प्रोसेसिंग शुल्क और ब्याज वाले हिस्से पर GST लगाते हैं, जिससे वास्तविक लागत बढ़ जाती है, जो आमतौर पर बारीक अक्षरों में छिपी होती है.
- •कई EMI क्रेडिट एक्सपोजर को बढ़ा सकती हैं, जिससे भविष्य के ऋण आवेदनों पर असर पड़ सकता है, यह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उठाई गई चिंता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नो-कॉस्ट EMI सुविधा प्रदान करती है लेकिन अक्सर इसमें छिपी लागतें जैसे खोई हुई छूट और शुल्क शामिल होते हैं.
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