RBI FSR: सितंबर 2025 तक बैंकों के डेरिवेटिव्स झटकों के प्रति अधिक संवेदनशील.

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Moneycontrol•31-12-2025, 17:37
RBI FSR: सितंबर 2025 तक बैंकों के डेरिवेटिव्स झटकों के प्रति अधिक संवेदनशील.
- •RBI की FSR के अनुसार, सितंबर 2025 तक भारतीय बैंकों के डेरिवेटिव्स पोर्टफोलियो ब्याज दर और विदेशी मुद्रा झटकों के प्रति अधिक संवेदनशील हो गए.
- •बॉटम-अप स्ट्रेस टेस्ट से पता चला कि ब्याज दर झटकों का नेट मार्क-टू-मार्केट (MTM) स्थितियों पर प्रभाव बढ़ गया है.
- •रुपये की विनिमय दर के झटकों से MTM प्रभाव की दिशा उलट गई, जो बैंकों की अंतर्निहित मुद्रा जोखिम स्थितियों में बदलाव का संकेत है.
- •सितंबर 2025 तक ब्याज दरों में वृद्धि से कुल पूंजी पर 5.9% सकारात्मक MTM प्रभाव पड़ा, जबकि गिरावट से 5.8% नकारात्मक प्रभाव हुआ.
- •विदेशी बैंकों की डेरिवेटिव्स आय में तेजी से वृद्धि हुई, जिससे उनकी शुद्ध परिचालन आय में महत्वपूर्ण योगदान मिला, जबकि अन्य बैंकों का योगदान कम रहा.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: RBI FSR ने बैंकों के डेरिवेटिव्स में बढ़ी हुई जोखिम संवेदनशीलता को उजागर किया है.
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