Sanyal added that bankruptcy "should not be held as a moral failure" but should be seen as a natural part of a society willing to take risks and grow.
बिज़नेस
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Moneycontrol28-12-2025, 20:04

संजीव सान्याल: भारत को गतिशील अर्थव्यवस्था के लिए अधिक दिवालियापन की आवश्यकता है.

  • EAC-PM सदस्य संजीव सान्याल का कहना है कि भारत को गतिशील, जोखिम लेने वाली अर्थव्यवस्था के लिए दिवालियापन को अपनाना चाहिए.
  • उन्होंने "निरंतर मंथन" पर जोर दिया, जहां पुरानी कंपनियां बंद होती हैं और नई उभरती हैं, 2017 के बैंक तनाव और जेट एयरवेज को सकारात्मक उदाहरण बताया.
  • सान्याल के अनुसार, दिवालियापन नैतिक विफलता नहीं बल्कि विकास का स्वाभाविक हिस्सा है; वे जोखिम लेने वालों के लिए सुरक्षा जाल का समर्थन करते हैं.
  • उन्होंने भारत के मजबूत वित्तीय बाजारों पर प्रकाश डाला और शीर्ष कंपनियों में बदलाव की उम्मीद जताई, यूरोप की स्थिरता से तुलना की.
  • नियामकों को बड़ी कंपनियों द्वारा शक्ति के दुरुपयोग पर हस्तक्षेप करना चाहिए, लेकिन सफलता को नकारात्मक नहीं देखना चाहिए.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दिवालियापन को अपनाना भारत की आर्थिक गतिशीलता और विकास के लिए महत्वपूर्ण है.

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