बुढ़ापे में सैलरी की कमी नहीं बनेगी परेशानी, पैसिव इनकम से सुरक्षित और स्थिर कमाई का पूरा प्लान. (Image:AI)
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News1813-01-2026, 22:51

रिटायरमेंट के बाद नहीं होगी पैसों की टेंशन, ये मजबूत विकल्प बनेंगे बुढ़ापे की लाठी.

  • रिटायरमेंट के बाद वित्तीय स्वतंत्रता के लिए किराया, ब्याज, लाभांश और पेंशन जैसे निष्क्रिय आय के स्रोत महत्वपूर्ण हैं.
  • सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) आकर्षक ब्याज दरें और कर लाभ प्रदान करती है, जिसमें 5 साल के लिए ₹30 लाख तक का निवेश किया जा सकता है.
  • अपनी संपत्ति (फ्लैट, घर, दुकान) किराए पर देने से स्थिर मासिक आय मिलती है, जो घरेलू खर्चों को पूरा करती है.
  • लाभांश देने वाले शेयर और म्यूचुअल फंड उन लोगों के लिए आवधिक लाभांश और पूंजी वृद्धि प्रदान करते हैं जो थोड़ा जोखिम लेने को तैयार हैं.
  • पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS) कम जोखिम वाली, निश्चित मासिक आय प्रदान करती है, जिसमें ₹9 लाख (एकल) या ₹15 लाख (संयुक्त) तक का निवेश किया जा सकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: निष्क्रिय आय की रणनीतिक योजना रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करती है.

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