भारत की वृद्धि का नया दौर: जनसांख्यिकी, AI, वित्तीय समावेशन से अभूतपूर्व विकास

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Moneycontrol•10-01-2026, 06:55
भारत की वृद्धि का नया दौर: जनसांख्यिकी, AI, वित्तीय समावेशन से अभूतपूर्व विकास
- •शक्तिकांत दास ने भारत की युवा जनसांख्यिकी, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और वित्तीय समावेशन को प्रमुख विकास चालक बताया है.
- •तकनीकी प्रगति और AI क्षमता देश के विकास पर गुणक प्रभाव डाल रही है.
- •राजकोषीय विवेक के प्रति भारत की प्रतिबद्धता भविष्य की नीतियों के लिए जगह सुनिश्चित करती है और सार्वजनिक ऋण को टिकाऊ रखती है.
- •भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, संरक्षणवाद और विखंडन के कारण वैश्विक आर्थिक व्यवस्था बदल रही है, जिससे व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हो रही हैं.
- •भारत एक सहकारी, नियम-आधारित वैश्विक प्रणाली चाहता है, साथ ही राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित करने और बहुपक्षवाद को पुनर्जीवित करने के लिए सक्रिय रूप से साझेदारी कर रहा है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत जनसांख्यिकी, डिजिटल बुनियादी ढांचे, AI और रणनीतिक सुधारों का लाभ उठाकर अभूतपूर्व विकास के लिए तैयार है.
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