ట్రెజరీ ఈల్డ్స్ దీర్ఘకాలంలో దిగువ దిశగా కదిలాయి. ప్రధాన సంక్షోభాల సమయంలో ఈ తగ్గుదల మరింత తీవ్రమైంది. భద్రత వైపు పరుగులు పెట్టే ప్రవర్తన వల్ల డిమాండ్ పెరగడం దీనికి కారణం. లోతైన లిక్విడిటీ, సార్వభౌమ మద్దతు యూఎస్ ట్రెజరీలను ప్రపంచంలో అత్యంత అంగీకరించిన రిస్క్-ఫ్రీ ఆస్తిగా మారుస్తాయి. అయితే తీవ్రమైన భూభౌగోళిక పరిస్థితుల్లో వోలాటిలిటీ స్పైక్స్ నుంచి ఇవి పూర్తిగా రక్షితంగా ఉండవు. (ప్రతీకాత్మక చిత్రం)
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News1824-12-2025, 21:23

सोने को पछाड़ चांदी बनी करोड़पतियों की पसंद: 25 साल में 2700% रिटर्न!

  • चांदी ने पिछले 25 सालों में सोने को पीछे छोड़ते हुए 1999 से 2025 तक 7,000 रुपये से 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़कर 2700% का मुनाफा दिया है.
  • 2025 में ही चांदी ने 140% से अधिक का रिटर्न दिया, जो इसे रियल एस्टेट या शेयर बाजार से भी बेहतर निवेश विकल्प बनाता है.
  • चांदी की बढ़ती मांग के मुख्य कारण सौर ऊर्जा क्रांति, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बूम, 5G तकनीक और AI डेटा सेंटर में इसका औद्योगिक उपयोग है.
  • सोने के विपरीत, चांदी एक कीमती और औद्योगिक धातु दोनों है, जिससे लगातार मांग और आपूर्ति में कमी आती है, जिससे इसकी कीमतें तेजी से बढ़ती हैं.
  • विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 तक चांदी 2.5 लाख रुपये/किलोग्राम और 2030 तक 3 लाख रुपये/किलोग्राम तक पहुंच सकती है, जो इसे दीर्घकालिक निवेश के लिए उत्कृष्ट विकल्प बनाती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: चांदी की औद्योगिक मांग और दोहरी प्रकृति इसे सोने से बेहतर निवेश बनाती है, जिससे भारी रिटर्न मिलता है.

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