
हाँ, वैश्विक तनाव भारतीय बाजारों को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे शेयर बाजार में गिरावट आ रही है और वैश्विक बाजार पूंजीकरण में भारत की हिस्सेदारी में कमी आ रही है।
निवेशक गिरावट आने पर खरीदारी करके, पोर्टफोलियो को पुनर्संतुलित करके और नकद भंडार के माध्यम से तरलता बनाए रखकर बाजार की अस्थिरता से निपट सकते हैं।
हाँ, भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।