युद्ध से ईरानी कच्‍चे तेल की वैश्विक आपूर्ति बाधित होने की आशंका है.
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News1828-02-2026, 09:06

अमेरिका-ईरान युद्ध का भारतीय अर्थव्यवस्था और आपकी जेब पर पड़ेगा गहरा असर

  • अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष से मध्य पूर्व अस्थिर, भारत के लिए बड़ा आर्थिक संकट पैदा हुआ.
  • ईरानी कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक कीमतें बढ़ेंगी; भारत, जो 85% तेल आयात करता है, को उच्च लागत और राजकोषीय घाटे का सामना करना पड़ेगा.
  • कच्चे तेल की कीमतों में एक डॉलर की वृद्धि से भारत का वार्षिक बिल 9,000 करोड़ रुपये बढ़ेगा; तेल $91 प्रति बैरल तक पहुंच सकता है.
  • कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें उद्योगों में महंगाई बढ़ाएंगी, पेट्रोल, डीजल, विनिर्माण और माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिससे रोजमर्रा की चीजें महंगी होंगी.
  • होर्मुज जलडमरूमध्य का अवरुद्ध होना, जो भारत के तेल और एलएनजी आयात के लिए महत्वपूर्ण है, एक गंभीर ऊर्जा संकट और आर्थिक व्यवधान पैदा करेगा.

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