भारत रत्न: विदेशियों से विवादों तक, 10 आश्चर्यजनक तथ्य उजागर.

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News18•02-01-2026, 09:50
भारत रत्न: विदेशियों से विवादों तक, 10 आश्चर्यजनक तथ्य उजागर.
- •भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न, 2 जनवरी 1954 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा स्थापित किया गया था, जो विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण सेवा को मान्यता देता है.
- •इस पुरस्कार में कोई नकद राशि नहीं होती, लेकिन प्राप्तकर्ताओं को VIP दर्जा मिलता है, जिसमें एयर इंडिया और भारतीय रेलवे में आजीवन मुफ्त प्रथम श्रेणी यात्रा और भारतीय वरीयता क्रम में 7वां स्थान शामिल है.
- •खान अब्दुल गफ्फार खान और नेल्सन मंडेला जैसे विदेशियों को भी यह सम्मान मिला है; मदर टेरेसा एक भारतीय नागरिक थीं. नेताजी सुभाष चंद्र बोस का मरणोपरांत पुरस्कार 1992 में वापस ले लिया गया था.
- •मरणोपरांत पुरस्कार का नियम 1955 में जोड़ा गया; लाल बहादुर शास्त्री पहले प्राप्तकर्ता थे. सचिन तेंदुलकर सबसे कम उम्र के (40) और धोंडो केशव कर्वे सबसे उम्रदराज (100) प्राप्तकर्ता हैं.
- •2024 में, 5 हस्तियों (कर्पूरी ठाकुर, एल.के. आडवाणी, चौधरी चरण सिंह, पी.वी. नरसिम्हा राव, एम.एस. स्वामीनाथन) को सम्मानित किया गया, जो प्रति वर्ष 3 की सामान्य सीमा को तोड़ता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत रत्न भारत का सर्वोच्च सम्मान है, जो इतिहास, अद्वितीय नियमों और 2024 के रिकॉर्ड सहित आश्चर्यजनक तथ्यों से भरा है.
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