पिता की मौत के बाद भी नहीं झुका देश का सिर, कैप्टन समीरा बुट्टर की बहादुरी को सलाम.

नौकरियां
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News18•26-01-2026, 13:03
पिता की मौत के बाद भी नहीं झुका देश का सिर, कैप्टन समीरा बुट्टर की बहादुरी को सलाम.
- •कैप्टन समीरा बुट्टर ने गणतंत्र दिवस 2026 परेड में 'ऑपरेशन सिंदूर' झांकी का नेतृत्व किया, जबकि हाल ही में उनके पिता का निधन हुआ था.
- •उन्होंने अपने व्यक्तिगत दुख को दबाकर कर्तव्य को प्राथमिकता दी, अपने पिता की विरासत और वर्दी का सम्मान किया.
- •समीरा चौथी पीढ़ी की सैनिक हैं, उन्हें अपने परदादा रिसालदार मेजर रतन सिंह, दादा ब्रिगेडियर संपूर्ण सिंह बुट्टर (महावीर चक्र, वीर चक्र) और पिता कर्नल सरबजीत सिंह बुट्टर से बहादुरी विरासत में मिली है.
- •उनके परिवार का इतिहास भारतीय सेना से गहराई से जुड़ा है, जो 'राष्ट्र प्रथम' की विरासत को दर्शाता है.
- •समीरा की कहानी बेटियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में क्षमता और समर्पण का प्रदर्शन करती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कैप्टन समीरा बुट्टर ने गहरे व्यक्तिगत नुकसान के बावजूद कर्तव्य निभाकर 'राष्ट्र प्रथम' का उदाहरण पेश किया.
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