Millennials vs Gen Z: मौजूदा दौर में लीडरशिप की कमान संभालने वालों की संख्या कम हो रही है
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News1827-02-2026, 09:15

भारत की टॉप कंपनियों को कौन चलाएगा? मिलेनियल्स थके, Gen Z को फिक्र नहीं.

  • 2026 तक भारतीय कॉर्पोरेट जगत 'नेतृत्व संकट' का सामना कर रहा है, बोर्डरूम में तनाव महसूस किया जा रहा है.
  • मिलेनियल्स (30-45) 'बर्नआउट' और मानसिक थकान से जूझ रहे हैं, AI और तिमाही लक्ष्यों के कारण उनका प्रभाव कम हो रहा है.
  • Gen Z ने सफलता का अर्थ बदल दिया है, केवल 6% वरिष्ठ नेतृत्व पदों तक पहुंचना चाहते हैं, काम-जीवन संतुलन को प्राथमिकता देते हैं.
  • मिलेनियल्स AI एकीकरण, माता-पिता की देखभाल और बच्चों के पालन-पोषण से तनावग्रस्त हैं, उन्हें AI द्वारा नौकरी खोने का डर है.
  • भविष्य का नेतृत्व सहयोगात्मक, कौशल-आधारित और कम पदानुक्रमित होगा, जिसमें बूमर्स सलाहकार, मिलेनियल्स संचालन और Gen Z डिजिटल गति लाएंगे.

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