उत्तर में 'पुर' और दक्षिण में 'पुरम्' का रहस्य: दक्षिण भारतीय राज्यों ने कैसे बचाई संस्कृत की विरासत?
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उत्तर में 'पुर' तो दक्षिण में 'पुरम्' क्यों? साउथ ने कैसे बचाया संस्कृत का वजूद.
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News18•25-02-2026, 14:38
उत्तर में 'पुर' तो दक्षिण में 'पुरम्' क्यों? साउथ ने कैसे बचाया संस्कृत का वजूद.
•केरल सरकार के ऐतिहासिक फैसले के बाद 'केरल' अब आधिकारिक तौर पर अपनी मूल पहचान 'केरलम' पर लौट आया है.
•थिरुवनंतपुरम, रामेश्वरम, कांचीपुरम जैसे नामों के अंत में 'म' (मकार) संस्कृत के नपुंसक लिंग और प्रत्ययों से आता है जो शब्दों को पूर्णता प्रदान करते हैं.
•उत्तर भारत में भाषाई सरलीकरण के कारण ये नाम 'पुर' या 'नगर' बन गए, जबकि दक्षिण ने 'पुरम्' और 'नगरम्' के रूप में अपने मूल तत्सम रूपों को संरक्षित रखा है.
•संस्कृत व्याकरण में, जब किसी संज्ञा का प्रयोग 'नपुंसक लिंग' में होता है, तो उसके अंत में 'म' (अम्) प्रत्यय जोड़ा जाता है, जैसे पुर + अम् = पुरम्.
•'केरलम' और 'भारतम्' जैसे नामों में 'म' प्रत्यय न केवल व्याकरणिक शुद्धता लाता है, बल्कि उस स्थान को एक पूजनीय और पूर्ण इकाई के रूप में भी स्थापित करता है, जो भारत की गहरी जड़ों से जुड़ता है.