पुणे: क्यों पंडित नेहरू ने इसे कहा 'ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट'?

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News18•03-01-2026, 14:08
पुणे: क्यों पंडित नेहरू ने इसे कहा 'ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट'?
- •पुणे को 1950 के दशक में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 'ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट' की उपाधि दी थी, इसकी विविध और उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक संस्थाओं के कारण.
- •यह शहर इंजीनियरिंग, चिकित्सा, विज्ञान, प्रबंधन और कला सहित विभिन्न क्षेत्रों में शैक्षणिक विविधता प्रदान करता है, जो दुनिया भर के छात्रों को आकर्षित करता है.
- •पुणे महानगरों की तुलना में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है, जिससे यह मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए एक पसंदीदा विकल्प बन गया है.
- •यह समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिकता का संतुलन बनाए रखता है, एक सुरक्षित, छात्र-अनुकूल वातावरण में बौद्धिक बहस, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देता है.
- •सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (छात्र संख्या के हिसाब से भारत का दूसरा सबसे बड़ा) और NDA, FTII जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का घर है, जो 14,000 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पुणे, 'ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट' के रूप में जाना जाता है, भारत का एक प्रमुख, किफायती और विविध शैक्षिक केंद्र है.
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