दुश्मन के इलाके में गहराई तक लक्ष्यों को निशाना बनाने की आर्टिलरी की क्षमता को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया सूर्यास्त्र भारत की लंबी दूरी की मारक क्षमता को काफी बढ़ाता है.
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News1825-01-2026, 09:43

गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर पहली बार गरजेगा 'सूर्यास्त्र', लेफ्टिनेंट महक भाटी करेंगी नेतृत्व.

  • लेफ्टिनेंट महक भाटी 77वें गणतंत्र दिवस परेड में कर्तव्य पथ पर 'सूर्यास्त्र' मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी.
  • भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत विकसित 'सूर्यास्त्र' MLRS पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होगा, जो स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को दर्शाता है.
  • सूर्यास्त्र एक सार्वभौमिक रॉकेट लॉन्चर है जो एक ही प्लेटफॉर्म से विभिन्न कैलिबर के रॉकेट दाग सकता है, जिसे भारत निर्मित टाट्रा T815 वाहन पर लगाया गया है.
  • पुणे स्थित निबे लिमिटेड के साथ लगभग 32.593 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 293 करोड़ रुपये) का एक महत्वपूर्ण खरीद अनुबंध हस्ताक्षरित किया गया है.
  • लेफ्टिनेंट भाटी ने तोपखाने के लिए 'सूर्यास्त्र' की परिवर्तनकारी क्षमता पर जोर दिया, जो लंबी दूरी की मारक क्षमता और गहरी मारक क्षमता को बढ़ाएगा.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: लेफ्टिनेंट महक भाटी के नेतृत्व में 'सूर्यास्त्र' MLRS गणतंत्र दिवस 2026 पर पहली बार प्रदर्शित होगा, जो भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है.

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