यूजीसी के नए भेदभाव-विरोधी नियमों पर हंगामा, सामान्य वर्ग का विरोध

शिक्षा
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News18•27-01-2026, 09:08
यूजीसी के नए भेदभाव-विरोधी नियमों पर हंगामा, सामान्य वर्ग का विरोध
- •यूजीसी ने "उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले विनियम, 2026" पेश किए हैं, जिनका उद्देश्य जाति-आधारित भेदभाव को रोकना है.
- •नए नियमों के तहत सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एक इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य है, जो एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतों का निवारण करेगी.
- •ये नियम 2025 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनाए गए थे, जो रोहित वेमुला और पायल तडवी जैसे मामलों से प्रेरित थे.
- •यूजीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में जाति-आधारित भेदभाव की शिकायतों में 118.4% की वृद्धि हुई है, जो 2017-18 में 173 से बढ़कर 2023-24 में 378 हो गई.
- •सामान्य वर्ग के छात्र इन नियमों का विरोध कर रहे हैं, उनका आरोप है कि ये एकतरफा हैं, उन्हें सुरक्षा से बाहर रखते हैं और दुरुपयोग का डर है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: यूजीसी के नए भेदभाव-विरोधी नियम, हाशिए पर पड़े छात्रों की सुरक्षा के उद्देश्य से, सामान्य वर्ग के छात्रों के विरोध का सामना कर रहे हैं.
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