
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि एक सहमति देने वाली, वयस्क, विवाहित महिला के साथ शारीरिक संबंध को बलात्कार नहीं माना जा सकता।
यह फैसला आईपीसी की धारा 375 में सहमति की परिभाषा को मजबूत करता है।
हाँ, ये निर्णय रिश्तों में 'धोखाधड़ी' की भविष्य की कानूनी व्याख्याओं को प्रभावित कर सकते हैं।