सारागांव की बेटियों ने युवा उत्सव में पेश की छत्तीसगढ़ी संस्कृति की मिसाल.

जांजगीर
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News18•14-12-2025, 12:57
सारागांव की बेटियों ने युवा उत्सव में पेश की छत्तीसगढ़ी संस्कृति की मिसाल.
- •जांजगीर-चांपा जिले के युवा उत्सव में स्वामी आत्मानंद स्कूल सारागांव की छात्राओं ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया.
- •छात्राओं ने छत्तीसगढ़ महतारी, किसान, ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं की वेशभूषा धारण कर आभूषणों की छत्तीसगढ़ी पहचान बताई.
- •वसुधा बरेट ने छत्तीसगढ़ महतारी का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें धान का कटोरा और हसिया जैसे राज्य के प्रतीक शामिल थे.
- •हर्षित यादव ने गौर सिंग (जंगली भैंसे के सींग से बना सिर का आभूषण) और मुरिया जनजाति के पारंपरिक आभूषणों जैसे रुपया माला और सुर्रा का महत्व समझाया.
- •इस प्रस्तुति का उद्देश्य संस्कृति की समृद्धि को उजागर करना और नई पीढ़ी में परंपराओं के प्रति सम्मान जगाना था.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: यह छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ावा देता है और नई पीढ़ी में गर्व जगाता है.
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