दिसंबर तक करीब 40 लाख टन का इंपोर्ट हुआ। जबकि मार्च तक कुल 50 लाख टन का इंपोर्ट संभव है।
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Moneycontrol29-01-2026, 17:01

दालों का आयात 30% घटेगा, रुपये की कमजोरी और शुल्क वृद्धि बनी वजह

  • भारत में इस साल दालों का आयात 30% घटकर 5 मिलियन टन होने की उम्मीद है, जो पिछले साल 7.3 मिलियन टन था.
  • आयात में कमी के कारणों में पिछले साल का बचा हुआ स्टॉक, रुपये का कमजोर होना और पीली मटर पर 30% शुल्क लगाना शामिल है.
  • अप्रैल से दिसंबर तक दालों के आयात मूल्य में 33% से अधिक की गिरावट आई, जिसमें शुल्क के कारण पीली मटर का आयात विशेष रूप से कम हुआ.
  • रबी फसलों की बुवाई में सकारात्मक वृद्धि हुई है, कुल बुवाई क्षेत्र 66.048 मिलियन हेक्टेयर तक पहुंच गया है.
  • दालों का बुवाई क्षेत्र 0.361 मिलियन हेक्टेयर बढ़ा है, और तिलहन की बुवाई सामान्य क्षेत्र की तुलना में 1.025 मिलियन हेक्टेयर अधिक हुई है, जिसका मुख्य कारण सरसों और रेपसीड है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मुद्रा, शुल्क और घरेलू रबी बुवाई में वृद्धि के कारण भारत में दालों के आयात में भारी गिरावट की उम्मीद है.

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