आंखें नहीं थी पर हौसलों ने दिखायी राह, कानपुर से IIT रुड़की तक देवांग का सफर.

दिल्ली
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News18•11-02-2026, 11:15
आंखें नहीं थी पर हौसलों ने दिखायी राह, कानपुर से IIT रुड़की तक देवांग का सफर.
- •कानपुर में बिना आंखों के जन्मे देवांग त्रिपाठी ने सबसे कठिन रास्ता चुनकर उम्मीदों को धता बताया.
- •उन्होंने स्कूल में टॉप किया, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए और एमए पूरा किया, और UGC NET व GATE पास किया.
- •देवांग वर्तमान में IIT रुड़की में पीएचडी स्कॉलर हैं, असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के अपने सपने को पूरा कर रहे हैं.
- •सामाजिक ताने और चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने अपने पिता के सहयोग से अपने जुनून और सपनों पर ध्यान केंद्रित किया.
- •वह इस बात पर जोर देते हैं कि किसी को दूसरों की राय से प्रभावित नहीं होना चाहिए और अपने चुने हुए रास्ते पर दृढ़ संकल्प के साथ चलना चाहिए.
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