देश में सबसे युवा रोबोटिक्स इंजीनियर ने बताया ह्यूमनॉइड रोबोट्स कैसे बनाए जाते ह
दिल्ली
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News1812-01-2026, 17:34

ह्यूमनॉइड रोबोट्स: भारत में निर्माण की लागत और अमेरिका-चीन से तुलना, पूरी साइंस समझें.

  • दिल्ली-एनसीआर स्थित स्टार्टअप ज़िनिकस, जिसके संस्थापक 23 वर्षीय अद्वैतय महिंद्रू हैं, ह्यूमनॉइड रोबोट्स बना रहा है.
  • ह्यूमनॉइड रोबोट्स सीखने, निर्णय लेने, चेहरा पहचानने और समझने के लिए AI और मशीन लर्निंग का उपयोग करते हैं.
  • इनमें कैमरा, टच सेंसर, जाइरोस्कोप, एक्सेलेरोमीटर जैसे सेंसर सिस्टम, सॉफ्ट एक्चुएटर्स, कंप्यूटर विजन, NLP, कंट्रोल सिस्टम और पावर सोर्स जैसी तकनीकें शामिल हैं.
  • भारत में ह्यूमनॉइड रोबोट्स बनाना महंगा है क्योंकि सेमीकंडक्टर और Nvidia जैसी कंपनियों की तकनीकें आयात करनी पड़ती हैं.
  • अद्वैतय महिंद्रू का मानना है कि 5-6 साल में ये तकनीकें भारत में उपलब्ध होंगी, जिससे रोबोट्स चीन और अमेरिका की तरह सस्ते हो जाएंगे.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत में ह्यूमनॉइड रोबोट्स का निर्माण आयात पर निर्भरता के कारण महंगा है, लेकिन घरेलू उत्पादन जल्द संभव होगा.

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