वराह भगवान.
धर्म
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News1826-01-2026, 20:51

गोंडा का प्राचीन वराह मंदिर: पाताल लोक से पृथ्वी के उद्धार की चौंकाने वाली कथा

  • उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित भगवान वराह का प्राचीन मंदिर आस्था और इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र है, जो भगवान विष्णु के वराह अवतार को समर्पित है.
  • मंदिर के महंत अजय कुमार मिश्रा के अनुसार, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब हिरण्याक्ष राक्षस पृथ्वी को पाताल लोक ले गया था, तब भगवान विष्णु ने वराह का रूप धारण कर पृथ्वी का उद्धार किया था.
  • स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह मंदिर कई सौ साल पुराना है और इसकी स्थापना प्राचीन ऋषियों या तत्कालीन शासकों ने की थी; इसे सुकर खेत भी कहा जाता है.
  • गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर और अयोध्या सहित देश भर से भक्त वराह भगवान मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं.
  • डॉ. श्री नारायण तिवारी, एक विद्वान, ने मंदिर के प्राचीन इतिहास की पुष्टि की है, जिसमें बताया गया है कि भगवान विष्णु ने हिरण्याक्ष को मारकर और पृथ्वी को वापस लाकर इसी स्थान पर अवतार लिया था.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गोंडा का प्राचीन वराह मंदिर भगवान विष्णु के वराह अवतार द्वारा पाताल लोक से पृथ्वी के उद्धार की कथा को दर्शाता है.

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