भीष्म द्वादशी माघ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाई जाती है.
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News1829-01-2026, 11:23

भीष्म द्वादशी 2026: तिथि, मुहूर्त और महत्व, जानें आज या कल

  • भीष्म द्वादशी माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाई जाती है.
  • यह पितामह भीष्म से संबंधित है, क्योंकि पांडवों ने उनके निधन के बाद इस दिन उनके लिए अनुष्ठान किए थे.
  • इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से रोग दूर होते हैं, अच्छा स्वास्थ्य मिलता है, पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष प्राप्त होता है.
  • भीष्म द्वादशी पर स्नान, उबटन, भोजन और दान में तिल का प्रमुखता से उपयोग किया जाता है.
  • इस दिन तर्पण और श्राद्ध अनुष्ठान करने से पितर संतुष्ट होते हैं और पितृ दोष दूर होता है, जिससे परिवार में समृद्धि आती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: माघ में मनाई जाने वाली भीष्म द्वादशी, पितामह भीष्म का सम्मान करती है, स्वास्थ्य, मोक्ष और पैतृक आशीर्वाद प्रदान करती है.

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