द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026
धर्म
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News1805-02-2026, 04:30

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026: तनाव और अटके काम होंगे दूर, जानें पूजा विधि और महत्व

  • द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 5 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी, जो भक्तों के लिए आशा और विश्वास का दिन है.
  • माना जाता है कि इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने से अटके काम, पढ़ाई की बाधाएं, करियर की उलझनें और आर्थिक तनाव दूर होते हैं.
  • माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को द्विजप्रिय कहा जाता है क्योंकि इस दिन 'द्विज' (ज्ञान और अनुशासन के मार्ग पर चलने वाले) को प्रिय गणेश के स्वरूप की पूजा होती है.
  • द्विजप्रिय गणेश का स्वरूप चार भुजाओं वाला और गौर वर्ण का है, जो शांति, बुद्धि और स्थिरता का प्रतीक है, यह मानसिक अशांति को कम करता है.
  • पूजा विधि में सुबह स्नान, पूजा स्थल को शुद्ध करना, धूप, दीप, फूल, फल और मोदक चढ़ाना शामिल है, व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद तोड़ा जाता है.

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