
त्योहारों से पहले, मंदिर जीर्णोद्धार या विशेष अनुष्ठानों के लिए बंद हो जाते हैं ताकि तैयारियों में सुविधा हो और बड़ी संख्या में भक्तों के लिए सुगम दर्शन सुनिश्चित किया जा सके।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, मूर्ति चित्रकला की पारंपरिक विधियों और 'चोला' समारोहों के बारे में विवरण वर्तमान में उपलब्ध नहीं हैं। दिए गए स्रोत अन्य परंपराओं और घटनाओं पर चर्चा करते हैं।
बड़े पैमाने पर धार्मिक आयोजन पर्यटन, आवास बुकिंग और खर्च में वृद्धि करके स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हैं। वे आध्यात्मिक शहरों में रियल एस्टेट की मांग को भी बढ़ाते हैं।