भगवान राम के गुरु: वशिष्ठ और विश्वामित्र ने गढ़ा उनका दिव्य चरित्र

धर्म
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News18•31-01-2026, 11:45
भगवान राम के गुरु: वशिष्ठ और विश्वामित्र ने गढ़ा उनका दिव्य चरित्र
- •अयोध्या के रघुकुल के कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ ने भगवान राम को आध्यात्मिक ज्ञान, वेद, राजनीति और राजधर्म की शिक्षा दी.
- •वशिष्ठ जी द्वारा राम को वैराग्य और संसार की नश्वरता पर दिए गए उपदेश 'योग वशिष्ठ' के रूप में संकलित हैं, जो आध्यात्मिकता का शिखर है.
- •महर्षि विश्वामित्र ने राम को दिव्य शस्त्र विद्याएं, जिनमें 'बला' और 'अतिबला' विद्या शामिल हैं, सिखाईं और ताड़का व सुबाहु जैसे राक्षसों का वध करने में मार्गदर्शन किया.
- •विश्वामित्र ही राम को जनकपुर ले गए, जहाँ उन्होंने शिव धनुष तोड़ा और सीता से विवाह किया, जो गुरु की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है.
- •भगवान राम की अपने गुरुओं, वशिष्ठ और विश्वामित्र के प्रति अटूट भक्ति, आदर्श गुरु-शिष्य परंपरा का उदाहरण प्रस्तुत करती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भगवान राम का चरित्र और दिव्य यात्रा उनके दो मुख्य गुरुओं, वशिष्ठ और विश्वामित्र द्वारा गहराई से गढ़ी गई थी.
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