कामाख्या के बाद दूसरा सबसे शक्तिशाली शक्तिपीठ: मां छिन्नमस्तिका मंदिर
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News1823-01-2026, 19:13

कामाख्या के बाद दूसरा सबसे शक्तिशाली शक्तिपीठ: मां छिन्नमस्तिका मंदिर

  • झारखंड के रामगढ़ जिले के रजरप्पा में स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर को कामाख्या मंदिर के बाद दूसरा सबसे शक्तिशाली जागृत शक्तिपीठ माना जाता है.
  • भैरवी और दामोदर नदियों के संगम पर स्थित इस मंदिर में देवी छिन्नमस्तिका की सिर कटी हुई प्रतिमा है, जो आत्म-बलिदान और तांत्रिक प्रथाओं का प्रतीक है.
  • यह तंत्र-मंत्र साधना के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है, जहां भक्त मनोकामनाओं के लिए धागे बांधते हैं; परिसर में दस महाविद्याओं, महाकाली, भगवान सूर्य और भगवान शिव के अलग मंदिर भी हैं.
  • मंदिर की वास्तुकला कामाख्या मंदिर से मिलती-जुलती है, और इसमें अष्टमातृका और दक्षिणा काली के मंदिर भी हैं, जो पूरे भारत से भक्तों को आकर्षित करते हैं.
  • धार्मिक महत्व के अलावा, यह मंदिर एक सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल भी है, जहां झरना, नदी स्नान और मकर संक्रांति व विजयदशमी पर बड़े मेले लगते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: झारखंड का मां छिन्नमस्तिका मंदिर एक शक्तिशाली शक्तिपीठ है, जो अपनी अनूठी देवी और तांत्रिक महत्व के लिए पूजनीय है.

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