माता पार्वती के अनेक रूप: अन्नपूर्णा से काली तक, जानें हर स्वरूप का महत्व

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News18•27-01-2026, 15:28
माता पार्वती के अनेक रूप: अन्नपूर्णा से काली तक, जानें हर स्वरूप का महत्व
- •माता पार्वती, भगवान शिव की पत्नी, शक्ति और मातृत्व की प्रतीक हैं, जिनके प्रत्येक रूप का अपना महत्व है.
- •उनके रूप सकारात्मक ऊर्जा, साहस और संघर्ष की प्रेरणा देते हैं, जिससे भक्तों को सुख, शांति, समृद्धि और मानसिक संतुलन मिलता है.
- •प्रमुख रूपों में अन्नपूर्णा (भोजन प्रदाता), चंडी (शक्ति की देवी), काली (समय और मृत्यु का प्रतीक), सती (भक्ति और आत्म-बलिदान), महाकाली (अत्यधिक शक्ति), लक्ष्मी (समृद्धि) और सिद्धिदात्री (ज्ञान और सफलता) शामिल हैं.
- •प्रत्येक रूप में माता पार्वती के अलग-अलग गुण हैं, कभी कोमल और दयालु तो कभी प्रचंड ऊर्जा वाली, जो भक्तों की इच्छाओं और कठिनाइयों में सहायता करती हैं.
- •मुख्य रूपों के अलावा, हिंदू धर्म में माता पार्वती के सौ से अधिक रूपों का वर्णन है, जो सभी भक्तों के कल्याण के लिए समर्पित हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: माता पार्वती के विभिन्न रूप शक्ति, भक्ति और कल्याण के विविध पहलुओं का प्रतीक हैं, जो भक्तों का मार्गदर्शन करते हैं.
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