Loading...
महाभारत का नारायणास्त्र: क्लस्टर बम-मिसाइल से भी घातक? अश्वत्थामा के अस्त्र से पांडव कैसे बचे
LIVE TV
LOCAL
HINDI
आपके लिए
मनोरंजन
राष्ट्रीय
खेल
बाजार
व्यवसाय और अर्थव्यवस्था
जीवनशैली
विश्व
ज्योतिष और धर्म
प्रौद्योगिकी
शिक्षा और नौकरियाँ
ऑटो
राजनीति
वायरल
विचार
Loading more articles...
Home
Local
Live TV
नारायणास्त्र बनाम क्लस्टर बम: अश्वत्थामा के घातक अस्त्र से पांडव कैसे बचे?
N
News18
•
20-03-2026, 11:21
नारायणास्त्र बनाम क्लस्टर बम: अश्वत्थामा के घातक अस्त्र से पांडव कैसे बचे?
•
द्रोणाचार्य की मृत्यु के बाद अश्वत्थामा ने नारायणास्त्र चलाया, जो आधुनिक क्लस्टर बम-मिसाइल से कई गुना घातक था.
•
नारायणास्त्र से हजारों जलते हुए बाण, लोहे के गोले और विभिन्न अस्त्र निकले, जिसने पांडव सेना को जलाना शुरू कर दिया.
•
भगवान नारायण ने द्रोण को नारायणास्त्र दिया था, चेतावनी दी थी कि यह अपने लक्ष्य को नष्ट किए बिना वापस नहीं लौटेगा.
•
भगवान कृष्ण नारायणास्त्र को शांत करने का रहस्य जानते थे: रथ से उतरना, हथियार डालना और उसके सामने आत्मसमर्पण करना.
•
पांडवों ने कृष्ण के निर्देशों का पालन करते हुए आत्मसमर्पण किया, जिससे नारायणास्त्र धीरे-धीरे शांत हो गया और वे बच गए.
News18 पर हिंदी में पूरा लेख पढ़ें
✦
More like this
✦
More like this
अश्वत्थामा का आग्नेयास्त्र: पांडव सेना में हाहाकार, श्रीकृष्ण-अर्जुन कैसे बचे?
N
News18
महाभारत का पशुपतास्त्र: अर्जुन का 'प्रिसिजन अटैक' आधुनिक मिसाइलों से कई गुना सटीक था.
N
News18
घटोत्कच का वध: कर्ण का अमोघ बाण अर्जुन के लिए बना वरदान
N
News18
फतेह रहबर तोप की गर्जना से कांप उठी थी औरंगजेब की सेना, आज भी है आकर्षण का केंद्र.
N
News18
कर्ण वध: अर्जुन ने दिव्यास्त्र छोड़ते समय क्या कहा? महाभारत युद्ध का निर्णायक क्षण.
N
News18
तेलंगाना का 800 साल पुराना काशी विश्वेश्वर स्वामी मंदिर: बिना मशीन के पत्थरों को बनाया आइना.
N
News18