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फुलेरा दूज 2026: व्रत कथा, महत्व और राधा-कृष्ण का आशीर्वाद.
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फुलेरा दूज 2026: राधा के आंसुओं से थमी प्रकृति, प्रेम और समृद्धि की वापसी का पर्व.
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News18
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19-02-2026, 09:24
फुलेरा दूज 2026: राधा के आंसुओं से थमी प्रकृति, प्रेम और समृद्धि की वापसी का पर्व.
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19 फरवरी 2026 को मनाया जा रहा फुलेरा दूज, ब्रज में होली की शुरुआत और प्रेम व नई शुरुआत का प्रतीक है.
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यह त्योहार फाल्गुन शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है, जिसमें वृंदावन और बरसाना में विशेष उत्साह देखा जाता है.
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पौराणिक कथा के अनुसार, कृष्ण से बिछड़ने पर राधा के दुख से प्रकृति मुरझा गई थी, जो उनके लौटने पर फिर से जीवंत हो उठी.
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कृष्ण के आगमन पर राधा, गोपियों और ग्वालों के साथ फूलों की होली खेली गई, जिससे फुलेरा दूज की परंपरा शुरू हुई.
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फुलेरा दूज का व्रत और कथा सुनने से वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है ऐसा माना जाता है.
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