पिता और संतान के कर्म कैसे जुड़े हैं
धर्म
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News1803-02-2026, 08:31

प्रेमानंद जी महाराज: क्या पिता के कर्मों का फल भुगतते हैं बच्चे? जानें चौंकाने वाला सच.

  • प्रेमानंद जी महाराज ने बताया कि क्या बच्चे पिता के कर्मों का फल भुगतते हैं, आत्म-चिंतन पर जोर दिया.
  • पिता के निर्णय, व्यवहार और आदतें बच्चों के भविष्य को सकारात्मक या नकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं.
  • महाराज के अनुसार, पिता के अधार्मिक कार्य बच्चों के जीवन में दुख, संघर्ष या मानसिक अशांति ला सकते हैं, यह ईश्वरीय दंड नहीं बल्कि कर्म की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है.
  • कर्म का संबंध एकतरफा नहीं है; बच्चों के गलत कार्य पिता के लिए अपमान और आलोचना का कारण बन सकते हैं.
  • अधर्म से मिली सफलता अस्थायी होती है; पिछले जन्मों के पुण्य समाप्त होने पर यह नष्ट हो जाती है, जो पीढ़ीगत कल्याण के लिए धार्मिक आचरण के महत्व को उजागर करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि पिता के कर्मों का बच्चों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है और इसके विपरीत भी.

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