वासुकी नाग: भगवान शिव के गले का आभूषण और उनका आध्यात्मिक महत्व

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News18•15-02-2026, 11:10
वासुकी नाग: भगवान शिव के गले का आभूषण और उनका आध्यात्मिक महत्व
- •भगवान शिव के गले में लिपटे सर्प का नाम वासुकी है, जो नागों के राजा और कश्यप ऋषि व कद्रू के पुत्र हैं.
- •वासुकी को बहु-फन वाले, अत्यंत विशाल सर्प के रूप में वर्णित किया गया है, जो शिव के गले में तीन बार लिपटा होता है, जो भूत, वर्तमान और भविष्य का प्रतीक है.
- •समुद्र मंथन के दौरान वासुकी का उपयोग रस्सी के रूप में किया गया था; शिव ने उनके फन से निकले हलाहल विष का पान किया, जिसके बाद वासुकी शिव के गले का आभूषण और रक्षक बने.
- •वासुकी शिव की निर्भीकता, शक्ति, मृत्यु पर विजय और जागृत कुंडलिनी शक्ति का प्रतीक हैं.
- •वे अपने सिर पर नागमणि धारण करते हैं, जो शिव की शक्ति और आध्यात्मिक जागृति का प्रतिनिधित्व करता है.
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