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News1825-01-2026, 17:29

विष्णुपद मंदिर: गया में भगवान विष्णु के पदचिह्नों का रहस्य और इतिहास

  • बिहार के गया में फल्गु नदी के पश्चिमी तट पर स्थित विष्णुपद मंदिर, भगवान विष्णु के पदचिह्नों की पूजा के लिए विश्वभर में अद्वितीय है.
  • मंदिर का इतिहास असुर गयासुर से जुड़ा है, जिसे वरदान मिला था कि उसके दर्शन या स्पर्श से मोक्ष प्राप्त होगा, जिससे सृष्टि का संतुलन बिगड़ा.
  • भगवान विष्णु ने गयासुर के शरीर पर यज्ञ कर अपना दाहिना पैर रखा, जिससे 40 इंच के पदचिह्न बने, जो आज भी मंदिर के गर्भगृह में मौजूद हैं.
  • इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1787 में वर्तमान पत्थर के मंदिर का जीर्णोद्धार कराया, जिसमें 100 फीट ऊंचा शिखर और स्वर्ण कलश है.
  • यह मंदिर पितृ पक्ष और 'पिंड दान' के लिए महत्वपूर्ण है, जहां पूर्वजों को मोक्ष दिलाने के लिए लाखों श्रद्धालु आते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गया का विष्णुपद मंदिर भगवान विष्णु के पदचिह्नों की पूजा का एकमात्र स्थान है, जो पूर्वजों को मोक्ष दिलाता है.

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