गुड़ी पड़वा पर नीम और मिश्री का महत्व: उज्जैन के आचार्य से जानें नववर्ष की खास परंपरा.
Loading more articles...
नववर्ष की शुरुआत नीम और मिश्री से क्यों? उज्जैन के आचार्य ने बताया गुड़ी पड़वा का महत्व.
N
News18•13-03-2026, 09:58
नववर्ष की शुरुआत नीम और मिश्री से क्यों? उज्जैन के आचार्य ने बताया गुड़ी पड़वा का महत्व.
•गुड़ी पड़वा हिंदू नववर्ष, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का प्रतीक है, जो नई आशा और शुरुआत का संकेत देता है.
•उज्जैन के ज्योतिषी आनंद भारद्वाज के अनुसार, यह धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण है, माना जाता है कि ब्रह्मा ने इसी दिन ब्रह्मांड बनाया था.
•गुड़ी पड़वा 2026 का शुभ मुहूर्त 19 मार्च को है, इसी दिन चैत्र नवरात्रि भी शुरू होगी.
•प्रमुख परंपराओं में गुड़ी पूजा (विजय का प्रतीक), नीम और मिश्री का सेवन (आयुर्वेदिक प्रतिरक्षा बूस्टर), और पूरन पोली (ऊर्जा और पाचन के लिए पारंपरिक व्यंजन) शामिल हैं.
•नीम और मिश्री का सेवन मौसमी बदलाव के दौरान शरीर को गर्मियों के लिए तैयार करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए एक आयुर्वेदिक प्रथा है.