रुपये के लिए बुरा दौर खत्म? 2026 में स्थिरता के लिए US व्यापार समझौता अहम.

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Moneycontrol•24-12-2025, 18:57
रुपये के लिए बुरा दौर खत्म? 2026 में स्थिरता के लिए US व्यापार समझौता अहम.
- •घरेलू विकास और कम मुद्रास्फीति के कारण भारतीय रुपये के 2026 के दृष्टिकोण में सतर्क आशावाद है, लेकिन वैश्विक कारक, विशेष रूप से भारत-US व्यापार समझौता, महत्वपूर्ण हैं.
- •प्रमुख शोध घर उम्मीद करते हैं कि रुपया 2026 में अपने अवमूल्यन चरण से बाहर निकल जाएगा, SBI Research ने औसतन 87 का अनुमान लगाया है.
- •भारत-US व्यापार समझौते में प्रगति, विशेष रूप से उच्च शुल्कों (50% तक) में कमी, भारत के बाहरी संतुलन और रुपये की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है.
- •FPI बहिर्वाह और रुकी हुई व्यापार वार्ताओं के कारण रुपया 2025 में एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा थी, जो 91.08 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था.
- •कुछ विशेषज्ञ सुधार (BofA 88) की भविष्यवाणी करते हैं, जबकि Barclays जैसे अन्य 2026 के अंत तक 94 तक और कमजोर होने की आशंका जताते हैं, जो विविध विशेषज्ञ राय को दर्शाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रुपये की 2026 की स्थिरता भारत-US व्यापार समझौते और विदेशी पूंजी प्रवाह पर निर्भर करती है.
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