बाल मनोविज्ञान: क्या बच्चे नियम तोड़ने को 'साहस' मान रहे हैं? माध्यमिक घटना के बाद विशेषज्ञों की चेतावनी.

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News18•04-02-2026, 20:50
बाल मनोविज्ञान: क्या बच्चे नियम तोड़ने को 'साहस' मान रहे हैं? माध्यमिक घटना के बाद विशेषज्ञों की चेतावनी.
- •मेदिनीपुर में एक माध्यमिक छात्र फर्जी एडमिट कार्ड के साथ पकड़ा गया, जो युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों को उजागर करता है.
- •विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन तक आसान पहुंच और रील्स व शॉर्ट वीडियो जैसी अनियंत्रित सामग्री बच्चों को जोखिम भरे व्यवहार की नकल करने के लिए प्रभावित करती है.
- •इस व्यवहार को एक मनोवैज्ञानिक समस्या के रूप में देखा जाता है जहाँ बच्चे माता-पिता के निर्देशों की अवहेलना करते हैं और नियम तोड़ने को 'साहस' मानते हैं.
- •चिंता है कि समय पर हस्तक्षेप न करने पर ये आपराधिक प्रवृत्तियाँ आदत या यहाँ तक कि पेशा भी बन सकती हैं.
- •शिक्षकों ने छात्रों और अभिभावकों के लिए नियमित परामर्श के साथ-साथ नैतिक शिक्षा, कानूनी जागरूकता और मोबाइल फोन के उपयोग की सीमा पर स्कूल स्तर पर अनिवार्य कार्यशालाओं की वकालत की है.
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