सफलता की कहानी: कॉलेज के बाद नौकरी नहीं, चित्रकार बनना चाहते हैं कांथी के इस छात्र की अद्भुत प्रतिभा
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कॉलेज छात्र शिबाशीष दास ने नौकरी छोड़ी, राज्य स्तरीय चित्रकार बनने का सपना देखा.
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News18•09-03-2026, 16:03
कॉलेज छात्र शिबाशीष दास ने नौकरी छोड़ी, राज्य स्तरीय चित्रकार बनने का सपना देखा.
•कांथी प्रभातकुमार कॉलेज के छात्र शिबाशीष दास, जो पाटाशपुर, पुरबा मेदिनीपुर के निवासी हैं, कॉर्पोरेट या सरकारी नौकरी के बजाय चित्रकार बनने का सपना देखते हैं.
•रंगों और ब्रश के प्रति उनका जुनून दस साल की उम्र में शुरू हुआ, उनकी नोटबुक डूडल से भर जाती थीं जिसे बाद में शिक्षकों और परिवार ने प्रतिभा के रूप में पहचाना.
•वह नियमित रूप से प्रकृति, मानवीय चेहरों और ग्रामीण बंगाल के दृश्यों को चित्रित करने का अभ्यास करते हैं, अपनी कला में नए विचारों और मानवीय भावनाओं को शामिल करते हैं.
•शिबाशीष ने स्थानीय, जिला और राज्य-स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, अपनी सटीक ब्रशस्ट्रोक और मनमोहक अवधारणाओं के लिए कई पुरस्कार जीते.
•उनका अंतिम लक्ष्य एक प्रसिद्ध चित्रकार बनना, अपनी कला को प्रमुख प्रदर्शनियों में प्रदर्शित करना और लोगों के दिलों में जगह बनाना है.