हर रोल में फूंक दी जान
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News1801-02-2026, 14:10

ए.के. हंगल: 52 की उम्र में डेब्यू, 'शोले' के एक डायलॉग से मिली पहचान

  • ए.के. हंगल का जन्म 1 फरवरी 1914 को सियालकोट में हुआ था; वे एक स्वतंत्रता सेनानी थे और कराची जेल में तीन साल बिताए थे.
  • उन्होंने 52 साल की उम्र में 1966 में 'तीसरी कसम' से फिल्मों में डेब्यू किया, इससे पहले वे दर्जी और थिएटर कलाकार थे.
  • 'शोले' में रहीम चाचा के किरदार और उनके मशहूर डायलॉग 'इतना सन्नाटा क्यों है भाई' से उन्हें बड़ी पहचान मिली.
  • उन्होंने 200 से अधिक फिल्मों में काम किया, अक्सर पिता या बुजुर्ग के किरदार निभाए, और 1978 में जीनत अमान के साथ 'सत्यम शिवम सुंदरम' में भी थे.
  • उनकी दमदार अदाकारी ने छोटे किरदारों को भी यादगार बना दिया; उनकी आखिरी फिल्म 2005 में 'पहेली' थी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ए.के. हंगल ने स्वतंत्रता सेनानी से लेकर दिग्गज अभिनेता तक का सफर तय किया, 52 की उम्र में डेब्यू कर सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी.

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