पंकज उधास: 10 साल की उम्र में ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ से मिली पहचान, 51 रुपये ने बदली किस्मत, बने गजल सम्राट.
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पंकज उधास: 51 रुपये के इनाम से गजल सम्राट तक का सफर, एक संगीतमय यात्रा.
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News18•26-02-2026, 04:02
पंकज उधास: 51 रुपये के इनाम से गजल सम्राट तक का सफर, एक संगीतमय यात्रा.
•पंकज उधास का जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के जेतपुर में हुआ था, वे एक संगीत प्रेमी परिवार से थे.
•10 साल की उम्र में उन्होंने 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाया, जिसके लिए उन्हें 51 रुपये का इनाम मिला, जिसने उनके संगीत सफर की नींव रखी.
•उन्होंने शिक्षा को प्राथमिकता दी और बीएससी की डिग्री हासिल की, साथ ही उस्ताद गुलाम कादिर खान और नवरंग नागपुरकर से संगीत की शिक्षा भी जारी रखी.
•उनका फिल्मी करियर 1972 में 'कामना' से शुरू हुआ, लेकिन 1986 की फिल्म 'नाम' में 'चिट्ठी आई है' गजल से उन्हें बड़ी सफलता मिली.
•'आहट' (1980) जैसे गजल एल्बमों के लिए जाने जाने वाले, उन्हें 2006 में पद्म श्री और 2025 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. उनका निधन 26 फरवरी 2024 को 72 वर्ष की आयु में हुआ.