वसंत देसाई: गानों के बिना फिल्मों को दी जान, बैकग्राउंड म्यूजिक से बिखेरा जादू

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News18•22-12-2025, 05:01
वसंत देसाई: गानों के बिना फिल्मों को दी जान, बैकग्राउंड म्यूजिक से बिखेरा जादू
- •वसंत देसाई एक महान संगीतकार थे जिन्होंने अपने शास्त्रीय संगीत और अभिनव बैकग्राउंड स्कोर से हिंदी सिनेमा में जान फूंकी.
- •उन्होंने वी. शांताराम की 'झनक झनक पायल बाजे' और 'दो आँखें बारह हाथ' जैसी फिल्मों में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
- •'यादें' (1964) और 'अचानक' (1974) जैसी फिल्मों में देसाई के बैकग्राउंड म्यूजिक ने बिना गानों के भी गहरी भावनाएं और सस्पेंस व्यक्त किया.
- •उनकी संगीत यात्रा बचपन में शुरू हुई, उनके नाना भास्कर पारुलेकर से प्रभावित होकर, और बाद में उस्ताद आलम खान व उस्ताद इनायत खान से प्रशिक्षण लिया.
- •वसंत देसाई ने मराठी फिल्मों और नाटकों के लिए भी संगीत दिया, 1975 में उनके असामयिक निधन से पहले भारतीय सिनेमा पर एक अमिट छाप छोड़ी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: वसंत देसाई का कालातीत संगीत और अभिनव बैकग्राउंड स्कोर भारतीय सिनेमा की भावनात्मक गहराई का आधार बना.
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