विवेक अग्निहोत्री ने नेपोटिज्म पर तोड़ी चुप्पी: कब सही, कब जहर? दिया बड़ा बयान

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News18•23-01-2026, 12:02
विवेक अग्निहोत्री ने नेपोटिज्म पर तोड़ी चुप्पी: कब सही, कब जहर? दिया बड़ा बयान
- •निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने बॉलीवुड में नेपोटिज्म पर चल रही बहस पर अपने विचार साझा किए, जहां स्टार किड्स को आसानी से मौके मिलने की बात उठती है.
- •अग्निहोत्री ने नेपोटिज्म की तुलना 'कुम्हार और बर्तन' से करते हुए कहा कि अगर व्यक्ति में कौशल है तो यह स्वाभाविक रूप से नकारात्मक नहीं है.
- •उन्होंने तर्क दिया कि यदि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर या कारीगर का बेटा शिल्प सीखता है, तो यह स्वीकार्य है, और इसी तरह, एक कुशल स्टार किड को अवसर मिलना गलत नहीं है.
- •नेपोटिज्म 'जहर' तब बन जाता है जब केवल कनेक्शन के आधार पर बार-बार अवसर दिए जाते हैं, भले ही व्यक्ति में प्रतिभा की कमी हो, जबकि अधिक सक्षम बाहरी लोगों को नजरअंदाज किया जाता है.
- •निर्देशक ने जोर दिया कि योग्यता और कौशल महत्वपूर्ण हैं; पारिवारिक नाम के आधार पर अवसर ठीक हैं यदि व्यक्ति खुद को सक्षम साबित करता है, लेकिन प्रतिभा की अनुपस्थिति में नहीं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: विवेक अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि प्रतिभा के साथ नेपोटिज्म स्वीकार्य है, लेकिन योग्यता को नजरअंदाज करने पर हानिकारक होता है.
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