
बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम में बढ़ी हुई जागरूकता और आत्मरक्षा तकनीकें शामिल हो सकती हैं।
पॉक्सो अधिनियम के तहत दंड अलग-अलग होते हैं, कुछ मामलों में 6 साल का कठोर कारावास और जुर्माना होता है, जबकि अन्य में 36 साल तक का कारावास और ₹2,05,000 का जुर्माना हो सकता है।