बंचारी गांव: जहां नगाड़े की थाप में धड़कती है ब्रज संस्कृति, पीढ़ियों से जीवित विरासत.

फरीदाबाद
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News18•04-01-2026, 13:13
बंचारी गांव: जहां नगाड़े की थाप में धड़कती है ब्रज संस्कृति, पीढ़ियों से जीवित विरासत.
- •हरियाणा के पलवल जिले का बंचारी गांव अपनी अनूठी नगाड़ा वादन कला के लिए प्रसिद्ध है, जो पीढ़ियों से चली आ रही है.
- •नगाड़ा बजाना गांववालों के लिए सिर्फ काम नहीं, बल्कि एक विरासत है, जिसमें लगभग पूरा गांव शामिल है.
- •यह कला ब्रज संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, खासकर होली के दौरान, जो देश-विदेश से लोगों को आकर्षित करती है.
- •नगाड़ा वादक पारंपरिक धोती, कुर्ता और पगड़ी पहनकर हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतिनिधित्व करते हैं.
- •कला परिषद के सहयोग से, बंचारी के नगाड़ा वादक सरकारी मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदर्शन कर अपनी विरासत को जीवित रखते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बंचारी गांव की नगाड़ा कला हरियाणा की ब्रज संस्कृति को जीवित रखने वाली एक जीवंत, पीढ़ीगत विरासत है.
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