होलाष्टक: साधना, दान और आत्मचिंतन का काल, मिलेगा विशेष पुण्य फल, जानें क्या करें क्या न करें.
होलाष्टक: साधना, दान और आत्मचिंतन का काल, मिलेगा विशेष पुण्य फल, जानें क्या करें क्या न करें.
- •होलाष्टक 24 फरवरी से 3 मार्च तक रहेगा, जो साधना, दान और आत्मचिंतन के लिए विशेष है.
- •विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय और संपत्ति खरीदने जैसे शुभ कार्य होलाष्टक में वर्जित हैं.
- •इस दौरान घर की साफ-सफाई, पूजा-पाठ, धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन, जप, ध्यान और सत्संग फलदायी होते हैं.
- •जरूरतमंदों की मदद, वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण और माता-पिता-गुरु की सेवा से विशेष पुण्य मिलता है.
- •नवविवाहित महिलाएं होलिका दहन देखने से बचें और बच्चों को नकारात्मक ऊर्जा से बचाने के उपाय करें.