नौकरी और परिवार छोड़ वृद्धाश्रम पहुंचा शख्स, घरेलू कलह और डिप्रेशन बनी वजह

फरीदाबाद
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News18•24-01-2026, 17:51
नौकरी और परिवार छोड़ वृद्धाश्रम पहुंचा शख्स, घरेलू कलह और डिप्रेशन बनी वजह
- •रोहतक के 57 वर्षीय उमेश सिंह ने अपनी नौकरी, पत्नी और तीन बच्चों को छोड़कर फरीदाबाद के ताऊ देवीलाल वृद्धाश्रम में शरण ली है.
- •उन्होंने 1990 से 2025 तक लगातार काम किया, लेकिन डिप्रेशन के कारण ऑफिस नहीं जा पाए; उन्होंने न इस्तीफा दिया और न छुट्टी ली.
- •उमेश ने 1992 में शादी के बाद से पत्नी के साथ लगातार झगड़ों और रोजमर्रा के तर्कों को घर छोड़ने का मुख्य कारण बताया.
- •उनकी पत्नी और बच्चों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और दरवाजा बंद कर दिया, लेकिन वह फिर भी जाने में कामयाब रहे.
- •45,000 रुपये कमाने, बच्चों को शिक्षित करने और घर बनाने के बावजूद, उमेश को घरेलू कलह से दूर वृद्धाश्रम में ही शांति मिली.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एक व्यक्ति ने लगातार घरेलू झगड़ों और डिप्रेशन से शांति पाने के लिए परिवार और नौकरी छोड़कर वृद्धाश्रम को चुना.
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