सफदरजंग मकबरा
इतिहास
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News1813-01-2026, 12:16

हुमायूं मकबरे से चुराई गईं थीं ईंटें, तब बना था मुगलों के इस प्रधानमंत्री का मकबरा.

  • दिल्ली में स्थित सफदरजंग का मकबरा मुगलों द्वारा स्थापित अंतिम प्रमुख स्मारक है, जिसका निर्माण 1753-1754 ईस्वी के बीच हुआ था.
  • यह मिर्जा मुकीम अबुल मंसूर खान, जिन्हें सफदरजंग के नाम से जाना जाता था, की याद में बनाया गया था, जो मुगल सम्राट अहमद शाह बहादुर के वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) थे.
  • सफदरजंग अवध के दूसरे नवाब भी थे, जिन्होंने 1739 से 1754 तक शासन किया और एक कुशल प्रशासक थे.
  • उनके बेटे शुजा-उद-दौला ने मकबरा बनवाया, लेकिन मुगल साम्राज्य के पतन के दौरान आर्थिक बाधाओं का सामना करना पड़ा.
  • माना जाता है कि शुजा-उद-दौला ने वांछित भव्यता प्राप्त न कर पाने के गुस्से में हुमायूं के मकबरे से ईंटें निकलवाकर सफदरजंग के मकबरे में लगवाई थीं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मुगल प्रधानमंत्री के लिए बने सफदरजंग के मकबरे में कथित तौर पर हुमायूं के मकबरे से चुराई गई ईंटें लगी थीं.

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